9/21/15

क्या आप जानते हैं रोमांस की ये यूनिक और इंटरेस्टिंग बातें ?


जानिए, रोमांस से जुड़ी यूनिक ��"र इंटरेस्टिंग बातें जिनसे आप हैं अनजान
रोमांस से जुड़ी ऎसी बहुत सी बाते हैं जिनसे आप अनजान हैं। समय-समय पर रोमांस और उससे जुड़ी बातों पर शोध होते रहते हैं। आज हम आपको ऎसी ही शोधों और अध्ययनों की दिलचस्प जानकारियां बताने जा रहे है। जिससे आपको रोमांस के बारे में कुछ दिलचस्प बातें जानने को मिलेगी। आइए जानते ऎसी ही कुछ बातें-
1. ऎसे पुरूष जिनके अनेक महिलाओं से रोमांटिक रिलेशन होते हैं, वे प्यार को बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं, लेकिन ऎसे पुरूष अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते।
2. एक सर्वे के मुताबिक कपल्स की रोमांस के लिए सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के बाद कार है। युवा बेडरूम के बाद कार में प्यार करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।
3. नए अध्ययन के अनुसार, महिलाओं में अपनी भावनाओं को समझने के साथ-साथ अपने आस-पास रहने वाले लोगों की भावनाओं व जरूरतों की समझ होती है, ऎसी महिलाएं रोमांस में अच्छी पार्टनर साबित होती है।
4. मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध में पता चला है कि पुरूष किसी भी दूसरे रंग के मुकाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज्यादा आकर्षित होते है।
5-एक शोध के अनुसार कॉलेज के समय जो लड़के रोमांस में लिप्त रहते हैं, वे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। जबकि कॉलेज टाइम में रोमांस न करने वाले विद्यार्थी नार्मल रहते हैं।
- SOURCE - patrika

शादी के दिन हर लड़की के दिल में उठते हैं ये 5 सवाल


शादी के दिन से पहले हर लड़की के दिमाग में ढ़ेर सारे सवाल उठते हैं। जानिए ऎसे सवाल जो लड़कियों के मन में उठते हैं....

हर लड़की शादी करके एक दिन अपने माता-पिता का घर छोड़कर अपने पति के घर जाती है। जहां वह अपने पति के साथ एक नई जिंदगी की शुरूआत करती है। हर लड़की का ख्वाब होता कि उसका अपना परिवार हो। पुरूषों के लिए भी विवाह का अर्थ उतना ही गंभीर होता है जितना एक महिला के लिए, दोनों का ही जीवन पहले से अलग होने वाला होता है। इस खास दिन से जुड़े लड़कियों के कई अरमान होते हैं। जैसे ही लड़की की शादी नजदीक आती उसका ध्यान शॉपिंग पर होता है और वह मन ही मन में हनीमून की प्लानिंग कर रही होती है लेकिन ऎसा नहीं हैं कि वह सिर्फ इस बारे में ही सोचती हैं। इसके अलावा भी उनके दिमाग में बहुत सारी बातें चल रही होती हैं, जिसके सामने आने पर रिश्ता टूट भी सकता है।


1. कहीं मैं शादी जल्दी तो नहीं कर रही!

हर लड़की शादी के समय यही सोचती है कि कहीं मेरी शादी जल्दबाजी में तो नहीं हो रही। इसका सीधा सा जवाब यही है कि अगर आपको लगता है कि आप आगे चलकर जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं तो शादी के लिए समय सही है।


2. क्या मेरे ससुराल वाले मुझे पसंद करेंगे!

शादी के दिन यह ख्याल आना तो तय है कि इस नए परिवार के लोग उसे अपनाएंगे या नहीं। खासतौर पर लड़केकी मां लेकिन यह बात पूरी तरह आपके ऊपर निर्भर करती है कि आप उन लोगों के साथ कैसे घुलती-मिलती हैं।


3. क्या मैं अगले घर आराम से रह पाऊंगी!

हर लड़की को यह डर बहुत सताता है कि वह अगले घर में आराम से रह पाएंगी या नहीं। वहां के लोग उन्हें अपना मानेंगे या नहीं लेकिन परिवर्तन स्वीकार करके आगे बढ़ें और मन में कोई नेगटिव भावना न लाएं। दरअसल, लडकियां रीति- रिवाजों को लेकर जिस तरह के बदलाव आते हैं, उसे लेकर वे दुविधा में आ सकती हैं लेकिन बीतते वक्त सब ठीक हो जाता है।


4. हमारा साथ जिंदगीभर का होगा!

इसका जवाब आपकी समझदारी में ही छिपा हुआ है। अगर आप अपने दांपत्य जीवन को ईमानदारी के साथ आगे बढाएंगी तो निश्चित तौर पर यह साथ जिन्दगी भर चलेगा लेकिन निजी मामलों को सुलझाने के लिए किसी तीसरे को अपने रिश्ते के बीच में न लाएं।

5. शादी में इतना खर्च करने की जरूरत थी!

शादी के दिन तक लडकियां सोचती हैं कि क्या उन्हें अपने कपड़ों, गहनों और मेकअप पर इतना खर्च करने की जरूरत थी हालांकि इसका जवाब भी वे खुद ही देती हैं कि शादी तो एक ही बार होती है, ऎसे में सबकुछ बेहतरीन होना चाहिए।

 SOURCE - patrika

काम करते समय ध्यान रखनी चाहिए ये बातें


ज्यादातर लोग एक वक्त पर कई काम करते हैं। इससे जिंदगी की गति तेज़ लगती है, लेकिन दिमाग इन चीज़ों को जल्दी प्रोसेस नहीं कर पाता है। कुछ लोग ऐसे हैं जो काम को निजी जीवन से अलग नहीं कर पाते हैं। इससे दिमाग हमेशा काम में ही उलझा रहता है। इसका एक ही हल है।
बिज़ी वर्क लाइफ के प्रेशर और डिमांड को मैनेज करने से सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। ऐसा करना आसान नहीं है, लेकिन इन टिप्स को फॉलो करने से फायदा होगा...

1. खेल खेलने से फायदा

हफ्ते में कम से कम 5 दिन कोई स्पोर्ट खेलिए या 30 मिनट एक्सरसाइज़ करिए। क्योंकि एक्सरसाइज़ से बेहतर कोई तरीका नहीं है स्ट्रैस कम करने के लिए। इसके अलावा अच्छा खाइए, ईर्ष्या की भावना न आने दीजिए।

2. रुटीन बनाना जरूरी

सुबह उठते ही स्मार्टफोन उठाकर ईमेल चैक करने की जरूरत नहीं है। घर और काम को अलग करने के लिए एक रुटीन बनाएं। घर पर हैं तो ऐसे काम करिए जो इंटरेस्ट के हैं। जैसे अखबार पढ़ना, गार्डनिंग करना या कोई स्पोर्ट खेलना आदि। ऑफिस में भी पूरा दिन ईमेल चैक करने की जरूरत नहीं है। एक वक्त निर्धारित करिए जब आप ईमेल्स चैक करेंगे।

3. दोस्त बनाएं

ऑफिस में कुछ दोस्त हैं तो अच्छा है। उनके साथ गॉसिप सेशन बनाएं। ऐसा काम के दौरान न करें, काम पूरा होने के बाद करें। सेशन में अपनी समस्याओं की चर्चा करिए। इसी तरह से ऑफिस के लोगों के साथ बाहर जाने से भी तनाव कम होगा।

4. मजबूत वर्किंग रिलेशन

बॉस के साथ अच्छा वर्किंग रिलेशन जरूरी है। कई बार बॉस के साथ कम्युनिकेशन गैप होने के कारण तनाव बढ़ने लगता है। कई बॉस अच्छे होते हैं, लेकिन एक बुरे बॉस के साथ काम करना गलत साबित होगा। जबकि अच्छे बॉस के साथ कोई बोरिंग जॉब भी इंटरेस्टिंग लगेगी।

5. इंस्पिरेशनल कोट से मदद

वर्क स्ट्रैस को कम करने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर या सामने कहीं भी कोई इंटरेस्टिंग-इंस्पिरेशनल कोट लगाएं, जिसे पढ़कर अच्छा महसूस हो और ताकत भी मिले।

SOURCE - BHASKER

शादी के बाद इन 7 बातों को कभी भी भूलना नहीं चाहिए

विवाह पति-पत्नी के बीच का एक ऐसा धर्म संबंध जो कर्तव्य और पवित्रता पर आधारित होता है। यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तरों पर स्त्री और पुरुष दोनों ही अधूरे होते हैं। स्त्री और पुरुष के मिलन से ही ये अधूरापन दूर होता है। विवाह जिन बातों पर हमेशा टिका रहता है, उनमें से सात मुख्य बातें यहां जानिए...

पहली बात है संयम

संयम यानी समय-यमय पर उठने वाली मानसिक उत्तेजनाओं जैसे- कामवासना, गुस्सा, लालच, अहंकार तथा मोह आदि पर नियंत्रण रखना। श्रीराम और सीता ने अपना पूरा वैवाहिक जीवन बहुत ही संयम और प्रेम के साथ व्यतीत किया था। वे कभी भी मानसिक या शारीरिक रूप से अनियंत्रित नहीं हुए।

दूसरी बात है संतुष्टि

संतुष्टि यानी एक-दूसरे के साथ रहते हुए समय और परिस्थिति के अनुसार जो भी सुख-सुविधा मिल जाए, उसी में संतोष करना। श्रीराम और सीता दोनों एक-दूसरे से पूरी तरह संतुष्ट थे। कभी भी श्रीराम ने सीता में या सीता ने श्रीराम में कोई कमी नहीं दे

तीसरी बात है संतान

शादी के बाद इन 7 बातों को कभी भी भूलना नहीं चाहिए
वैवाहिक जीवन में संतान का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है। पति-पत्नी के बीच के संबंधों को मधुर और मजबूत बनाने में बच्चों की भी भूमिका रहती है। श्रीराम और सीता के बीच वनवास को खत्म करने और सीता को पवित्र साबित करने में उनके बच्चों लव और कुश ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

चौथी बात है संवेदनशीलता

पति-पत्नी के रूप में एक-दूसरे की भावनाओं का समझना और उनकी कद्र करना चाहिए। श्रीराम और सीता के बीच संवेदनाओं का गहरा रिश्ता था। दोनों बिना कहे-सुने ही एक-दूसरे के मन की बात समझ जाते थे।

पांचवीं बात है संकल्प

पति-पत्नी के रूप में अपने धर्म संबंध को अच्छी तरह निभाने के लिए कर्तव्य को संकल्प लेकर पूरा करना चाहिए।

छठी बात है शारीरिक, आर्थिक और मानसिक मजबूती

वैवाहिक जीवन को सफलता और खुशहाली से भरा-पूरा बनाने के लिए पति-पत्नी दोनों का शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत ही आवश्यक है।

सातवीं बात है समर्पण

वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी का एक दूसरे के प्रति पूरा समर्पण और त्याग होना भी आवश्यक है। एक-दूसरे की खातिर अपनी कुछ इच्छाओं और आवश्यकताओं को त्याग देना या समझौता कर लेना रिश्तों को मधुर बनाए रखने के लिए जरूरी होता है।


SOURCE - BHASKER

5 essential skills today's employers want




Apart from relevant, organisations are now looking at hiring graduates with people skills and an aptitude for leadership
In a competitive job market, a degree that highlights your core competencies and skills is not enough to get you a job. Employers are now looking for candidates with not only the right attitude, but also the right aptitude while hiring. Here are some of the essential skills that fresh graduates will need to cultivate to secure a job:

Communication skills: 
The most significant step towards getting through the interview process is to polish your communication skills, both written and verbal. This is the best way to stand out in the crowded candidate market and it also aids in building a strong professional network.

Aptitude for leadership: 
It is not just the academic record and domain expertise that matter these days, but also your proficiency to be a leader that companies look out for. Not everyone can master this skill; however, one can work on building their inherent leadership qualities by taking initiatives and responsibility.

Being a people's person and a team player: 
Good interpersonal skills are a key to securing your dream job. Having this skill reflects that you are sociable and can work harmoniously with others. Interviewers will most likely test your ability of being a team player through questions relating to real-life scenarios . Some interviewers give a lot of importance to the extra-curricular abilities of the interviewee - excellence in sports, participation in student organization activities, community assistance roles with NGOs, etc - to judge the individual's ability to work in teams and inspire innovative ideas.

Problem solving and analytical skills:
Impromptu thinking and problem solving skills are the qualities that prospective employers look for in candidates. So it is essential to build on these capabilities and flaunt them when you present yourself in the job market as this will help you gain bonus points.

Open to learning and being proactive:
It is vital for a candidate to come across as independent and not someone who needs to be pushed for a task to be completed. In addition to this, out-of-the-box thinking and innovative ideas can get you the competitive corporate advantage. Interviewers will also try to gauge if a candidate is open to maintaining a continuous learning curve to re-skill themselves in a dynamic workplace and stay ahead.

Interviewers are impressed not with how much you know, but with how well you can convince the opposite person to think and accept your point of view. By demonstrating the right qualities and by marketing yourself efficiently, you can certainly land your first big career break!

By Moorthy K Uppaluri (The author is CEO, Randstad India) - As told to Ruchi Chopda

SOURCE - TOI

Are you falling for the wrong guy?


Are you falling for the wrong guy?
Whether it's Jane Austen's Elizabeth Bennett or Margaret Mitchell's Scarlett O'Hara, girls, at least in English literature, do have a thing for bad guys. 

In real life too, women feel that irresistible pull for bad guys — they are usually handsome without really trying too hard, they have that 'I don't give a damn' attitude and are hard-to-get.

Psychologists say that some women tend to confuse anger and tantrums for love. And it could be because of negative experiences they have had with men. Do you fall under that category? Take this quiz to find out...

When I meet a nice guy...
A. I think nice guys are boring.
B. I tend to think of him more as a friend than lover.
C. I start imagining that he is my Mr Right.

When I meet a so-called 'bad' guy...
A. I fall in love. Almost!
B. I become extra careful.
C. I try and avoid him and then run away ASAP!

I like bad boys...
A. They are sexually exciting.
B. Because good guys are rare.
C. Of course not!

My partner is sometimes abusive.
A. It does not bother me.
B. Very rarely.
C. Never. I'd leave him, otherwise.

My relationships with men...
A. Have been disappointing.
B. I have had a few affairs.
C. I am still waiting for my Mr Right.

If my man is lying to others...
A. So what? Don't we all lie sometimes?
B. As long as he is truthful to me, I don't care.
C. I will be wary — he could easily be lying to me, too.

ANSWERS

Mostly A
You are all for bad guys! You should not be allowed to look at guys without parental supervision or at least, without your closest friend being next to you. Even if a very nice guy is right in front of you, chances are, you will look right through him.

Mostly B
You are highly susceptible to the bad ones, if your answers have been truthful.

Mostly C
You are in no trouble. You do not seem to be that attracted or into bad guys at all.

Compiled by Debarati S Sen
SOURCE - TOI

Is Arranged Marriage Really Any Worse Than Craigslist?

As with any singles Website geared toward one community, you also get your interlopers. A 44-year-old Jewish doctor managed to make my dad’s first cut: He was a doctor. Mark said he believed Indians and Jews shared similar values, like family and education. I didn’t necessarily have a problem with his search for an Indian wife. (Isn’t it when they dislike us for our skin color that we’re supposed to get upset?) But when I met him for dinner, he seemed a decade older than he was, which made me feel like I was a decade younger.

My father’s screening method is hardly foolproof. Once, he was particularly taken with a suitor who claimed to be a brain surgeon at Johns Hopkins and friends with a famous Bollywood actress, Madhuri Dixit. I was suspicious, but I agreed to speak to the fellow. Within seconds, his shaky command of English and yokel line of questioning—“You are liking dancing? I am too much liking dancing”—told me this man was as much a brain surgeon as I was Madhuri Dixit. I refused to talk to him again, even though my father persisted in thinking I was bullheaded. “Don’t you think we would make sure his story checked out before marrying you off?” he said.

Sometimes, though, you get close, really close. A year ago, I was put in touch with a McKinsey consultant in Bombay whom I’ll call Sameer. I liked the fact that he was Indian-American but had returned to India to work. We had great conversations on the phone—among other things, he had interesting views on how people our age were becoming more sexually liberated in Indian cities—and I began envisioning myself kept in the finest silk saris. My father kept telling me he wanted it all “wrapped up” by February—it was only Christmas! Sameer had sent a picture, and while he wasn’t Shah Rukh Khan, he wasn’t bad.

Back for a break in New York, Sameer kindly came to see me in Brooklyn. We went to a French bistro, where he leaned over the table and said, “You know, your father really shouldn’t send out those photos of you. They don’t do justice to your beauty.” Sameer was generous, good-natured, engaging, seemingly besotted with me, on an expat salary—and also on the Atkins diet to lose 50 pounds. My Bombay dreams went up in smoke.

In this, I guess I am like every other woman in New York, complaining a man is too ambitious or not ambitious enough, too eager or not eager enough. But they are picky, too. These men, in their bid to fit in on Wall Street or on the golf course, would like a wife who is eminently presentable—to their boss, friends, and family. They would like a woman to be sophisticated enough to have a martini, and not a Diet Coke, at an office party, but, God forbid, not “sophisticated” enough to have three. Sometimes I worry that I’m a bit too sophisticated for most Indian men.

That’s not to say I haven’t come to appreciate what Indian men have to offer, which is a type of seriousness, a clarity of intent. I’ve never heard from an Indian man the New York beg-off phrase “I don’t think I’m ready for a relationship right now. I have a lot of things going on in my life.”


Indian men also seem to share my belief that Westerners have made the progression toward marriage unnecessarily agonizing. Neal, a 35-year-old Indian lawyer I know, thinks it’s absurd how a couple in America can date for years and still not know if they want to get married. “I think I would only need a couple of months to get to know a girl before I married her,” he says.

In more traditional arranged marriages—which are still very much alive and well in India—couples may get only one or two meetings before their wedding day. In America, and in big Indian cities, a couple may get a few months before they are expected to walk down the aisle, or around the fire, as they do seven times, in keeping with Hindu custom. By now I certainly think that would be enough time for me.

Other Indian women I know seem to be coming to the same conclusion. My friend Divya works the overnight shift at the BBC in London and stays out clubbing on her nights off. Imagine my surprise when I discovered she was on keralamatrimony.com, courtesy of her mother, who took the liberty of listing Divya’s hobbies as shopping and movies. (I was under the impression her hobbies were more along the lines of trance music and international politics.) Though she’s long favored pubgoing blokes, Divya, like me, doesn’t discount the possibility that the urologist from Trivandrum or the IT guy could just be the one—an idea patently unthinkable to us in our twenties.

It’s become second nature for women like us to straddle the two dating worlds. When I go out on a first date with an Indian man, I find myself saying things I would never utter to an American. Like, “I would expect my husband to fully share domestic chores.” Undeniably, there’s a lack of mystery to Indian-style dating, because both parties are fully aware of what the endgame should be. But with that also comes a certain relief.


With other forms of dating the options seem limitless. The long kiss in the bar with someone I’ve never met before could have been just that, an exchange that has a value and meaning of its own that can’t be quantified. Ditto for the one-night stand. (Try explaining that one to my parents.) The not-knowing-where-something-is-headed can be wildly exciting. It can also be a tad soul-crushing. Just ask any single woman in New York.

Indians of my mother’s generation—in fact, my mother herself—like to say of arranged marriage, “It’s not that there isn’t love. It’s just that it comes after the marriage.” I’m still not sure I buy it. But after a decade of Juan Carloses and short-lived affairs with married men and Craigslist flirtations and emotionally bankrupt boyfriends and, oddly, the most painful of all, the guys who just never call, it no longer seems like the most outlandish possibility.

Some of my single friends in New York say they’re still not convinced marriage is what they really want. I’m not sure I buy that, either. And no modern woman wants to close the door on any of her options—no matter how traditional—too hastily.

My friend Radhika, an unmarried 37-year-old photographer, used to hate going to her cousins’ weddings, where the aunties never asked her about the famines in Africa or the political conflict in Cambodia she’d covered. Instead it was, “Why aren’t you married? What are your intentions?” As much as she dreaded this, they’ve stopped asking, and for Radhika, that’s even worse. “It’s like they’ve written me off,” she says.

On a recent trip to India, I was made to eat dinner at the children’s table—they sent out for Domino’s pizza and Pepsis—because as an unmarried woman, I didn’t quite fit in with the adults. As much as I resented my exile, I realized that maybe I didn’t want to be eating vegetable curry and drinking rum with the grown-ups. Maybe that would have meant they’d given up on me, that they’d stopped viewing me as a not-yet-married girl but as an unmarriageable woman who’d ruined her youth by being too choosy and strong-headed.

This way, the aunties can still swing by the kids’ table as I’m sucking on a Pepsi and chucking a young cousin on the chin, and ask me, “When are you getting married? What are your intentions?” And I can say, “Auntie, do you have a boy in mind?”

SOURCE - nymag. com

9/20/15

7 Common Problems Faced By Single Ladies

Our society is very prejudiced towards single ladies. Even in developed countries women are thought to be the second fiddle to men. It is believed that every woman needs a man and any woman that doesn’t have a man must spend most of her time and energy in searching for one. That’s what all romcoms teach us. Not only is this being sexist, but it is also just stupid to hold such a view. Still most people, both men and women, believe that there is nothing worse than a single lady in her 30s. Due to this attitude single ladies face many problems like…..

1. Spinster Witch or Cat Lady:

The worst problem is the way society looks at single women. Any woman who is into her 30s and is still single is looked at weirdly by everyone. Two stereotypical images come to mind; that of the spinster witch, manipulating people to find a mate or that of the cat lady with a hundred cats. So for your own sake, if you are a single woman, don’t get too many cats.




2. The Ticking Clock:

One serious problem faced by single women is that their clock to have babies starts to run out as they get older. Most women do want children even if they don’t want to get married. This puts a pressure on the women to find a mate as soon as possible or let go of the dream to have kids. Of course there are other options such as sperm donation and adoption that many single women have taken up.


3 Safety Issues:

No matter how developed your country, women are not safe on their own. It’s a shameful fact for the men of this world to accept but it also needs to be accepted by single women that they need to be extra careful about their safety. You can call me a sexist but it is true that this is a man’s world. Even married women aren’t completely safe but at least they have a man to protect them. Single women need to be extra careful and train in self defense and it is always helpful if their circle of friends have some trustworthy men.




4. Financial Issues:

This problem is not so much a sexist problem but one faced by single women and men the world over. The economy has been so rough that it is hard for single people to survive while couples find it easier as two people bring home a salary. If one of them gets fired the other can provide for the time being but a single person has nowhere to go if they get fired. This problem is faced by all single people and single women need to be aware of it too and prepare accordingly.



5. Prejudice at Work:

What can make the above problem even worse for women is that they still face prejudice at work. This prejudice is faced by all women but even more so by single women. Strong independent single women scare men and this shows up when the boss has to hand out promotions or decide who to let go. Married women are no better off here either but finally glass ceilings are shattering all over the world and slowly we are seeing things improve for women at the work place.



6. Men Hitting on You Constantly:

One annoying problem that single women face is that men will hit on you wherever you go. Whenever men see single women they take a chance at it. Older single women attract the wrong kind of men who think that since the woman is older and still single, she must not be looking for anything more than a one night stand. It’s hard for single women in their 30s to find a decent guy who won’t be scared off by their independence.

7. Parents Pressuring You to Get Married:

Single women have to face the relentless pressure of their parents, forcing them to get married. The older generation doesn’t understand how being a single woman is not such a bad thing. This is just an annoying problem and it is best to just ignore it.

Source - topyaps

रिलेशनशिप को मजबूत बनाने में रामबाण साबित होंगे ये टिप्स

रिलेशनशिप के दौरान ब्यॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड में वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़े और एक-दूसरे को शक की नजर से देखना आम बात है। इन सब बातों से रिश्ते में मिठास आने के बजाय खटास पैदा होती है। मामला जब ज्यादा गहरा हो जाता है। जब इन तकरारों से ऎसे रिश्ते टूट जाते है। इन समस्याओं से मानसिक सोच पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जानिए, जब रिश्तों में ऎसे उतार-चढ़ाव आएं तो उनसे कैसे निपटा जाए-

1. साथ रहने के वादों को याद करें
साथ रहने के लिए उन सभी बातों को याद रखना चाहिए जो कभी दोनों को अच्छी लगती थी। उन बातों, उन पलो को याद करे जिनके पीछे आप दीवाने हुआ करते थे। हमेसा उन पलों को याद करना चाहिए जो एक साथ बिताए गए हों। इन पलों को याद करने से एक-दूसरे का प्यार बढ़ेगा और रिश्ता और मजबूत होगा। 

2. आपसी झगड़े सहमति से सुलझाएं
आपस की प्रॉब्लम्स को खत्म करने का इससे बेहतर तरीका शायद ही कोई दूसरा हो। रिलेशनशिप को निभाने में क्या परेशानियां आ रही हैं, किन बातों को लेकर झगड़ें हो रहे हैं इन सभी बातों के पीछे की वजहों को जानने की कोशिश करें। किन तरीकों से उन्हें सुलझाया जा सकता है इसके बारे में भी सोचें और मिलकर बातचीत करें। आपस में बात करने से ऎसी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। 

3. एक साथ वक्त बिताएं
बहुत सालों से अपने फेवरेट रेस्टोरेंट्स नहीं गए हैं, साथ वक्त बिताए लंबा अरसा हो गया है जिससे रिलेशनशिप में वो स्पॉर्क नहीं बचा है जो कभी शुरूआत में हुआ करता था। तो, इसके लिए बहुत ही आसान सा तरीका है जहां आप दोनों पहली बार मिले थे वहां जाएं। उन पलों को याद करें जो आपको एक्साइट करती थीं। बहुत समय तक एक-दूसरे से बात करें और आने वाले समय की प्लानिंग करें।

4. एक-दूसरे को माफ कर दें
पुरानी गलतियों, बातों को याद करके लडने-झगडने से बेहतर उन्हें भूलकर या उन्हें माफ कर रिशते को दोबारा से एक और मौका दें। यकीनन एक माफी रिलेशनशिप को बचाने का कारगर फॉर्मूला साबित होगी, क्योंकि गलतियों को नजरअंदाज करना बिल्कुल सही नहीं, लेकिन उन्हें माफ कर देना बहुत ही बड़ी वजह बन सकती है रिलेशनशिप को दोबारा शुरू करने में।

5. सभी बात साफ ओर सुथरी हों
बहुत-सी ऎसी बातें होती हैं जो रिलेशनशिप को बचाने के चक्कर में झूठ बोली जाती हैं, लेकिन जब इसका पता पार्टनर को पता चलता है जो ठीक इसके विपरीत होता है। गलतफहमियां की वजहों से कई समस्याएं पैदा हाती हैं। इन बातों से बचने के लिए अपने बीच की सभी बात एकदम स्पस्ट हो। इससे रिश्तों में मधुरता आती है। 

6.घमंड दूर करें
किसी भी रिलेशनशिप के अंत होने का सबसे बड़ा कारण अहंकार का होना है। पुरूष और महिलाओं दोनों को ही अपनी ईगो बहुत ही प्यारी होती है। जो रिलेशनशिप के आड़े आती है। कोई छोटी भूल-चूक होने पर उसे ना मानना, उसके लिए माफी न मांगना ही रिलेशनशिप को खत्म करने की शुरूआत करता है। अपने रिश्तों में कभी भी दिखावा नहीं होना चाहिए। 

7. अपनी सीमाएं तय करें
एक-दूसरे पर पाबंदियां लगाने के बजाय, एक-दूसरे को और उनके विचारों को आजादी दें। रिलेशनशिप को जितना बांधकर रखा जाएगा उतनी ही समस्याएं खड़ी होंगी। जो गाइडलाइन्स पार्टनर के लिए तय किए हैं, खुद भी उन्हें फॉलो करें। ज्यादातर लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि आदमी-पुरूष दोनों दो पहिए के समान है जिनका एक जैसा चलना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। तो इस बात को समझें और बहस, लड़ाई-झगड़ा क रने से बेहतर एक-दूसरे पर विश्वास करके रिलेशनशिप को एक नई दिशा दें।

Source - ,Patrica

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