12/5/15

5 Things Every Employee Should Ask Their CEO


Recently, on my YouTube show, my editor in chief Steve Unwin asked me a question that I thought was very poignant and interesting. Even more so than that, it felt daring. He wasn’t nervous to ask it. And it got me thinking about all the questions I’ve been asked as CEO of my company VaynerMedia. Some have really provoked me to think. Some have been filled with fluff. But overall, I realized that knowing what to ask if you are ever presented with the opportunity is incredibly valuable. So I thought I would put together this list of five questions I think every employee should ask their CEO in their life.
1. “What is your finish line?”

Aka, what does success look like to them? What does their finish line look like? When I tell my employees my end goal is to buy the New York Jets, it allows them to understand that my behavior is

10/12/15

वो हमारे पास एक अनाथ बच्चे को गोद लेने आए थे!



एक बेटा अपने बूढ़े पिता को वृद्धाश्रम एवं अनाथालय में छोड़कर वापस लौट रहा था;

उसकी पत्नी ने उसे यह सुनिश्चत करने के लिए फोन किया कि पिता त्योहार वगैरह की छुट्टी में भी वहीं रहें घर ना चले आया करें !

बेटा पलट के गया तो पाया कि उसके पिता वृद्धाश्रम के प्रमुख के साथ ऐसे घलमिल कर बात कर रहे हैं जैसे बहुत पुराने और प्रगाढ़ सम्बंध हों...

तभी उसके पिता अपने कमरे की व्यवस्था देखने के लिए वहाँ से चले गए.. अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए बेटे ने अनाथालय प्रमुख से पूँछ ही लिया...

"आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ? "

मुस्कुराते हुए वृद्ध ने जवाब दिया...

"पिछले तीस साल से...जब वो हमारे पास एक अनाथ बच्चे को गोद लेने आए थे! "

इन बातों में छुपी है रिश्ते की खुशहाली

जब वक्त बहुत कम रहता है तो रिश्ते प्रभावित होने लगते हैं। पर ऐसा कभी होना नहीं चाहिए, क्योंकि आपकी सफलता के पीछे इन्हीं लोगों का हाथ है। कैसे तमाम व्यस्तताओं के बीच अपने रिश्तों के लिए वक्त निकालें, बता रही हैं विनीता झा

खुशियों भरी जिंदगी वही होती है, जहां सारे रिश्ते खुशनुमा होते हैं। अगर आपके पास जिंदगी की सारी खुशियां हैं, पर उन खुशियों को बांटने के लिए कोई नहीं तो फिर ऐसी खुशी का क्या फायदा! पौधों की तरह ही रिश्तों की ताजगी बरकरार रखने के लिए उनकी नियमित देखभाल जरूरी होती है। यह देखभाल, अपनों के लिए वक्त निकाले बिना संभव नहीं। माना कि आप बेहद व्यस्त जिंदगी जीती हैं। आठ घंटे की नींद लिए अरसा बीत गया है। आपके पास अपनी जरूरतों के लिए भी वक्त नहीं है। इन सब कारणों के बावजूद अगर आप खुशनुमा जिंदगी जीना चाहती हैं तो आपको अपने परिवार और दोस्तों के लिए वक्त निकालने की कला सीखनी ही होगी। 
सुबह जल्दी उठें
जब आप सुबह जल्दी उठती हैं तो आपके पास काम करने और दूसरों के साथ बात करने का अधिक वक्त मिल जाता है। वीकएंड में दोपहर तक सोते रहने के बजाय आप अपने दिन की शुरुआत अपने घर के सदस्यों के साथ कुछ वक्त बिताकर कर सकती हैं। अपने परिवार के साथ सुबह-सुबह कुछ वक्त बिताकर आप न सिर्फ दिन भर की चुनौतियों के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर पाएंगी, बल्कि यह भी जान पाएंगी कि उन लोगों की जिंदगी में आजकल क्या हो रहा है। 

अच्छे वक्त बिना, न गुजरे कोई दिन

अपनी मां को फोन बाद में कर लूंगी। जिंदगी और रिश्तों के प्रति अगर आपका यह रवैया है तो इसे जल्द-से-जल्द बदल डालें। यदि आपके पास अभी वक्त है, तो उसका इस्तेमाल अपने रिश्ते को रिफ्रेश करने में करें। आपको अंदाजा नहीं है कि आपके इस प्रयास का आपकी जिंदगी पर कितना अच्छा असर पड़ेगा। हमेशा आपका कोई दोस्त आपसे यह पूछता है कि हम कब मिल रहे हैं, तो फुर्सत मिलने के साथ ही उसके साथ डिनर का कार्यक्रम बनाएं। खासतौर पर दोस्तों के साथ इस मेल-मुलाकात को टालते न रहें, क्योंकि हो सकता है कि अपने इस रवैये के कारण आप अपने दोस्तों के लिए कभी वक्त निकाल ही न पाएं। 

ऑफिस का काम न लाएं घर

अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पाने का एक और कारण है कि ऑफिस का काम घर लाना। हालांकि कई बार यह बहुत जरूरी हो जाता है। लेकिन यदि आप ऑफिस में ही यथासंभव अपना काम निपटा देती हैं तो घर पर आपको ज्यादा से ज्यादा खाली वक्त मिल जाएगा। अगर आप यह तय कर लें कि ऑफिस का काम घर नहीं लाना है तो सच में आप अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएंगी। बस, तय करने भर की जरूरत है।

काम में हाथ बंटाएं

अपनी दुनिया में सिमटने के बजाय जब आप काम में उलझी रहें तो परिजनों को भी हाथ बंटाने की इजाजत दें। अपने करीबी लोगों को भी जब हम अपना काम करने का मौका देते हैं तो उन्हें लगता है कि वे हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ठीक इसी तरह जरूरत पड़ने पर उनके काम में भी हाथ बटाएं। आप अपने परिवार का खयाल रखती हैं, यह जताने के लिए यह एक अच्छा तरीका है। 

सोते वक्त साथ समय बिताएं

रात में जब पूरा परिवार काम कर रहा हो, उस समय ऑफिस का काम करने से भले ही ऑफिस में आपको जल्दी प्रमोशन मिल जाए, पर इससे जीवनसाथी के साथ आपका संबंध प्रभावित हो सकता है। यदि आप अभिभावक हैं और बच्चों के सोने के बाद घर आती हैं तो धीरे-धीरे बच्चे आपसे दूर होने लगेंगे। ऐसे ही यदि आप अपने जीवनसाथी के सोने के बाद ऑफिस ेसे घर लौटती हैं, तो धीरे-धीरे आप दोनों के बीच का रिश्ता कमजोर हो सकता है। परिवार के सोने से पहले घर पहुंचने से आपकी सोच से कहीं ज्यादा आपके रिश्तों की मधुरता बढ़ सकती है। रिश्ते की मधुरता के लिए आपकी उपस्थिति काफी मायने रखती है।
(मनोविशेषज्ञ डॉ़ ज्योति कपूर मदान से बातचीत पर आधारित)

SOURCE - HINDUSTAN

पहला कदम ही इसान को आखिरी कदम तक लेकर जाता है


अपने समय के महान वैज्ञानिक थॉमस बहुत ही मेहनती इंसान थे।बचपन में उन्हें यह कहकर स्कूल से निकाल दिया गया कि वह मंद बुद्धि बालक है। उसी थॉमस एडिसन ने कई महत्वपूर्ण आविष्कार किए जिसमें से बिजली का बल्ब प्रमुख है।उन्होंने बल्ब का आविष्कार करने के लिए हजारों बार प्रयोग किए थे।तब जाकर उन्हें सफलता मिली थी।एक बार जब वह बल्ब बनाने के लिए कोई प्रयोग कर रहे थे। तभी एक व्यक्ति ने उनसे पूछा आपने करीब एक हजार प्रयोग किए,लेकिन आपके सारे प्रयोग असफल रहे। साथ ही, आपकी मेहनत बेकार हो गई

एडिसन ने कहा मैं सोचता हूं कि मेरे एक हजार प्रयोग असफल हुए है। मेरी मेह। क्या आपको दुःख नहीं होता है।नत बेकार नहीं गई, क्योंकि मैंने एक हजार प्रयोग करके यह पता लगाया है कि इन एक हजार तरीकों से बल्ब नहीं बनाया जा सकता। मेरा हर प्रयोग, बल्ब बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है और मैं अपनी हर कोशिश के साथ एक कदम आगे बढ़ता हूं। कोई भी सामान्य व्यक्ति होता तो वह जल्द ही हार मान लेता, लेकिन थॉमस एडिसन ने अपने प्रयास जारी रखे और हार नहीं मानी। आखिरकार एडिसन की मेहनत रंग लाई और उन्होंने बल्ब का आविष्कार करके पूरी दुनिया को रोशन कर दिया। यह थॉमस एडिसन का विश्वास ही था जिसने आशा की किरण को बुझने नहीं दिया और पूरी दुनिया को बल्ब देकर रोशन कर दिया।


सीख: 1. किसी दिशा में बढ़ाया गया पहला कदम ही इसान को सफलता तक ले जाता है।

2. असफलता से न डरने वाले को ही सफलता मिलती है।


source - bhasker

10/9/15

Would you let your kid play with pregnant dolls?

Would you let your kid play with pregnant dolls?

Barbie's proportions have drawn flak for playing with girls' body image. But on the other end of the spectrum are toys that may be too close to reality.

Sample this: in September this year, American Nickolay Lamm, creator of the "realistic" Lammily doll with her average, round body and even acne stickers, added period accessories to teach young girls about menstruation. The 'Period Party' accessory pack for Lammily now includes pad and liner stickers meant to fit in doll-sized underwear, a calendar and dot stickers to keep track of a menstruation cycle, and an informational pamphlet.

For one, there are no takers for these too-real-to-fun dolls in Lucknow. "I don't think dolls and toys are a good medium to explain concepts such as menstruation to children. A dialogue with your daughters is any day better," says Priyanka Sarkar, a homemaker who has two daughters under 10. She adds, "If ever I want to explain such things visually to my daughters, I'd rather use an iPad. There needs to be proper sex education and healthcare lessons in schools before we can label these dolls as 'toys'. Imagine what turns a conversation between four little girls playing with these dolls can take! What pets are to us adults, dolls are to children. We should keep toys away from such issues."

USE THESE DOLLS AS EDUCATIONAL AIDs
But the Lammily Period Party Pack doll isn't the first doll parents think is too realistic to be kid's play. In 2011, Spanish manufacturer Berjuan Toys came out with a doll called the 'Breast Milk Baby', designed for girls as young as two years. The doll would make suckling sounds when the child, who was required to wear a bib with 'flower nipples', would put it to her chest. Retailers, public commentators and politicians in the US and elsewhere were quick to express their disgust, and the doll, which was priced at $90, found it difficult to find sellers willing to put the product on their shelves. However, a representative of the company was quoted telling an international news agency, "We've had a lot of support from lots of breastfeeding organisations, lots of mothers, lots of educators." That is precisely what parents and teachers in Lucknow believe: dolls explaining concepts such a breastfeeding and childbirth must be positioned as educational aids, not toys.

Aashrita Dass, vice principal of a prominent girls' school in the city, says, "Instead of calling them 'toys', these things should be used and marketed as an aid for teachers and mothers to explain concepts of puberty, childbirth, etc. to girls. I don't think it will be a good idea to let children be with such toys. It's not a good idea to leave them to their own imagination." Swapnali Nagarkar, homemaker and mother to a 10-year-old girl, adds, "I wouldn't like my daughter playing with these dolls when she's alone. Instead, they can be used as educational tools in sex education lessons for girls in schools, but that too when the age is right. I personally wouldn't encourage a concept like this to come in the category of a toy."

Internationally too, parents have had similar reactions to such toys. In 2011, MamAmor Dolls, a brainchild of Adriana Guerra, a midwife in Canada, came out with a range of umbilical-intact, placenta-producing dolls, intended for children 3-years-old and above. Babyology, an Australian retailer of kids' products, featured the product on their Facebook page and were inundated with comments, both for and against the product. Comments ranged from "that's a little too confronting" to "I do not believe that children need to be exposed to the mechanics of the process of childbirth; there's nothing wrong with a cute story about a stork, and I don't believe that these dolls are appropriate toys". On the other side, parents also argued that the dolls "are natural, and a fun way to teach kids about birth".

TALK, NOT TOYS
Barbie's best friend, Midge, and her husband Alan, were reintroduced in what was called "The Happy Family Line' in 2003. A pregnant Midge came with Nikki, who was a tiny baby inside Midge's magnetic removable womb. This led to some controversy with some consumers saying that the doll was inappropriate for children, or that it promoted teen pregnancy. Another cause of worry for consumers was that Midge was shown without a wedding ring and was also packaged without Alan, but the company later fixed this. Says Vera Singh, a single mom to a four-year-old girl and an entrepreneur, "I'm slightly conservative when it comes to things like these. I'd prefer to talk to my daughter about it rather than just hand her a toy that explains these issues." She adds, "Even though she's just four, she asks me all kinds of questions even now. I make it a point to address all her queries, no matter how weird they may be, because that's my role as a mom. I wouldn't want a doll replacing that. A child is young and impressionable and a doll cannot communicate. Why enhance a child's imagination with these things?"

IT TRIVIALISES THE CAUSE 



Shachi Singh, a child development expert, also feels that there are better ways than toys to educate children about puberty and related issues. "When a girl reaches puberty, that is the time when she stops playing with dolls, so the purpose is defeated. Teaching a child about concepts like menstruation and childbirth through toys trivializes the cause. Also, it is very presumptuous to believe that only girls will lay their hands on such toys. As gender educationists, we ask parents why boys can't be given dolls to play with or girls guns," says Shachi, adding, "Toys have to also be culturally aligned. We are living in a society where such concepts are not discussed in the open."
SOURCE - TOI

13 Hot tips for your first date


On your first date— with nerves against you and self-consciousness setting in— it can be difficult to know how to act. Take a look at top tips for that crucial first date 

Before the date
1. Get excited but don't get carried away
Set your expectations too high and you're going to be really disappointed if he/she doesn't rock up! Keep your expectations in check and be realistic

2. Put it into perspective
Putting into perspective what a first date is can help reduce anxiety, stress and the temptation to back out last minute!

A first date is about:
- Investing your time and emotions to fully be present on the date
- Getting to know about your date's life, what they enjoy doing and what makes them tick
- Listening to them and contributing to the conversation
- Seeing whether you can laugh together, make one another smile and whether you feel excited to see them again

3. Have a reality check
A first date is simply a chance to meet someone new, face-to-face, to see whether you get on. That's it. You might or might not get on with them, but you can at the very least have an interesting chat with them if it's the latter. The reality is you're unlikely to hit it off with everyone; you'll like some a lot more than others and some a heck of a lot less.

4. Make an effort to look great
Look great and you'll feel great. Wear something you would naturally wear and that makes you feel good. A date is worth the effort to put that extra time in to looking your best.

5. Put thought into the date venue
Planning a date venue where you'll both have a great time is important. Doing something fun together helps bring out your body language which is a must for forming relationships and bonding. Do something that gets you both moving or that takes the pressure off you both — a comedy club and drinks, a wine tasting class, and mini golf. Whatever it is you do, have some fun.

On the date
6. Smile
It may sound like common sense but if you're feeling a bit nervous, you can forget to smile. Not only does smiling project confidence but it also raises energy levels, which is exactly what you need plenty on a first date.

7. Remember conversation is a two-way street
Ask plenty of questions and be sure to listen to the answers. Nerves can sometimes get the better of us. If you know you're likely to be shy on the date, think ahead about the questions you might ask. If the nerves get you chatting nonstop, remember to take a breath and let your date talk. Let the conversation flow.

8. Keep it positive
Exes, a bad day in the office or family problems — keep it to yourself if you want a second date!

9. Don't expect fireworks
If they happen, great! But don't go into a date, expecting an instantaneous chemistry. Love and attraction often develops at a slow pace and over time. Don't rule out someone because you didn't feel a spark straight away; give things a chance to develop.

10. Make eye contact
Not only does eye contact create a bond between yourself and your date, but it also shows you are giving them your full attention.

11. Relax and stop with the analysis
Don't spend the date mentally ticking off your dating checklist. Be present, enjoy their company, loosen up and have fun.

After the date 
12. Forget the three-day rule
You hit it off? Great, time to get another date in the dairy. Forget about the 'three day rule' and drop your date a line the next day to get something sorted.

13. Say Thank You
Even if you don't plan on seeing one again it's respectful to thank them for the date and wish them luck on their search. If we were all that little bit more respectful and kind with one another, dating would be so much easier.

— Caroline Brealey, Daily Mirror
SOURCE - TOI

10/6/15

Online affairs can be addictive



Once one gets hooked on to an online affair, it's very difficult to get off it as it almost becomes an addiction, a British study has concluded.

The study, by psychology lecturers Andreas Vossler and Naomi Moller from The Open University, recruited people who had experienced internet infidelity - either having engaged in it themselves or having found out that their partner had indulged.

"I tried to stop but neither of us could, it would start again and since so easy, with all the technology we carry around it was an amazingly comforting and sexy thing to have," a participant said.

"With long working hours an online relationship is like fast food, ready when we are, naughty, cheap, very often eaten alone without the exhaustion of social niceties," the participant added.

A woman, who has been at the receiving end of internet infidelity said: "I have a deep mistrust in the internet, and feel it massively facilitates infidelity. My ex-husband is inherently a very shy man, but online he is able to act much more confidently and attract the attention of other women."

"I strongly believe he would not have had so many affairs without the internet," she said.

The research, based on an anonymous online survey among 20 to 73-year-olds, confirmed that many participants think that the internet makes infidelity more likely.

Findings revealed that the internet made covert contact with another person easy and had a dis-inhibiting effect, making it easier to engage in behaviour that might be avoided in real life.

The study also found that the effects of internet infidelity can be as traumatic and wounding as face-to-face adultery, with many participants detailing their ongoing distress and describing the online infidelity as a relationship-ending event.

"What our research has revealed is that men and women do see internet infidelity differently. But it is not just a gender divide -- what is experienced as infidelity online can vary from person to person," Vossler said.

SOURCE - TOI

10 inspiring quotes to move on after a break-up



We all know how bad break-ups can be and no matter how much you want, you can never end a relationship amicably. So, here are our 10 best quotes to help you realise that it's not that difficult to move on...

1. "Watching you walk out of my life does not make me bitter or cynical about love. But rather makes me realize that if I wanted so much to be with the wrong person, how beautiful it will be when the right person comes along."

― Nicholas Sparks, author of Dear John

2. "Pain is inevitable. Suffering is optional."
― M. Kathleen Casey, Canadian politician

3. "I will not try to convince you to love me, to respect me, to commit to me. I deserve better than that; I AM BETTER THAN THAT...Goodbye."
― Steve Maraboli, author of Life, the Truth and Being Free

4. "Hold on to the thought that no emotion lasts forever, no matter how wonderful or how terrible the emotion may be. The tears may last a little longer than you would like, but it will get better. I promise."
― Osayi Osar-Emokpae, author of Because You Deserve Love

5. "I thought I lost something this summer, but I just realized, I never needed it."
― Nicole Christie, author of Falling for the Ghost of You

6. "But thinking never took away tears. Only time did."
― Allan Folsom, author of The Day After Tomorrow

7. "Life always waits for some crisis to occur before revealing itself at its most brilliant."
― Paulo Coelho, author of The Alchemist

8. "We must be willing to let go of the life we've planned, so as to have the life that is waiting for us."
― Joseph Campbell, writer of The Hero with a Thousand Faces

9. "Someone I loved once gave me a box full of darkness. It took me years to understand that this too, was a gift"?
― Mary Oliver, poet of American Primitive

10. "Love arrives exactly when love is supposed to,
And love leaves exactly when love must.
When love arrives, say, "Welcome. Make yourself comfortable."
If love leaves, ask her to leave the door open behind her.
Turn off the music, listen to the quiet, whisper,
"Thank you for stopping by.""
― Sarah Kay and Phil Kaye, poets and co-founders of Project VOICE

(Compiled by Pallavi Bansal)

SOURCE - TOI

ऑनलाइन मैरिज के सफल होने के पीछे ये हैं वो 7 वजहें

ऑनलाइन के बढ़ते क्रेज ने सिर्फ पढ़ाई और जॉब को ही आसान नहीं बनाया है, बल्कि इसने लाइफ को भी बहुत ही आसान बना दिया है। फर्नीचर, कपड़ों से लेकर बाकी के घरेलू सामान को खरीदने के साथ ही अब जोड़ियां भी ऑनलाइन ही बनने लगी हैं। सबसे अच्छी बात है कि ये कामयाब भी हो रही हैं। मनमुताबिक पार्टनर मिलने से शादियां लंबे समय तक बरकरार भी रह रही हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की रिसर्च से ये बात सामने आई है कि ऑनलाइन मैरिज ज्यादा सक्सेसफुल हो रहे हैं। इस सक्सेस के पीछे के कारणों के बारे में जानेंगे।
मनमुताबिक पार्टनर
ऑनलाइन मैरिज में पुरुष हो या महिला, दोनों ही अपने मनमुताबिक पार्टनर की तलाश कर सकते हैं। ऐसे कई सारे ऑप्शन्स मौजूद हैं, जिनमें वो पार्टनर के संबंध में अपनी पसंद का ब्योरा दे सकते हैं। कद-काठी से लेकर, एजुकेशन, गोत्र, कम्युनिटी, फैमिली बैकग्राउंड आदि के बारे में जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं, जिससे काफी हद तक पार्टनर की तलाश आसान हो जाती है। यहां तक कि खाने-पीने की आदतों में भी अपनी पसंद को खुलकर ऑनलाइन पर बताया जा सकता है।

प्लानिंग
ऑनलाइन मैरिज में डेटिंग से लेकर फैमिली मीटिंग, सगाई से लेकर शादी, सबकी प्लानिंग के लिए पूरा वक्त मिलता है और चीजें भी काफी हद तक सही तरीके से होती हैं। पुरुष और महिला, दोनों ही अपने खर्चों को देखते हुए चीजों को मैनेज करते हैं। सिर्फ शादी ही नहीं, बल्कि शादी के बाद की लाइफ भी प्लानिंग करके डिसाइड की जा सकती है। ऑनलाइन मैरिज सक्सेसफुल होने की ये भी एक वजह है।

जिम्मेदारियों का बंटवारा
ऑनलाइन मैरिज के वक्त ही ज्यादातर कपल्स अपने आगे की लाइफ की प्लानिंग कर लेते हैं और साथ ही जिम्मेदारियों का बंटवारा भी। वर्किंग वुमन होने पर घर के कौन-कौन से काम करने होंगे और किन कामों की जिम्मेदारियां पुरुषों के हवाले होंगी, ये पहले ही तय हो जाती हैं, जो अरेंज मैरिज में कम ही देखी जाती हैं। अरेंज मैरिज ज्यादातर पुरुष प्रधान होता है। वह पैसे कमाने के अलावा घर की रोज-ब-रोज की जिम्मेदारियों से बिल्कुल फ्री होता है।

लड़ाइयां कम होती हैं
ऑनलाइन मैरिज में कपल्स की आदतों के साथ ही जरूरतें भी काफी हद तक मिलती-जुलती हैं, जिससे उनके बीच मन-मुटाव और लड़ाई-झगड़े की संभावना भी कम ही होती है। पर्सनैलिटी और एजुकेशन के बारे में पूरी जानकारी पहले से ही होती है, इसलिए झूठ बोलने और कुछ छिपाने जैसी भी कोई बात नहीं होती। ऑनलाइन मैरिज में फैमिली की इन्वॉल्वमेंट भी बहुत ज्यादा होती है, जो काफी हद तक पॉजिटिव होती है।

दखलंदाजी
दोनों को ही अपनी जिम्मेदारियों का अहसास होता है, इसलिए कपल्स एक-दूसरे के कामों में दखलंदाजी नहीं करते हैं। विचारों से लेकर लाइफ को अपने तरीके से जीने की फ्रीडम होती है। पुराने किसी फ्रेंड्स के मिलने पर, किसी को घर बुलाने पर कोई पाबंदी नहीं होती, बल्कि पार्टनर इस तरह के गेट-टूगेदर मे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। इसका कारण है काफी हद तक अपने मनमुताबिक पार्टनर मिलना।

आपसी समझ
अरेंज मैरिज और लव मैरिज में भले ही बाद आपसी समझ में थोड़ी कमी हो जाए, लेकिन ऑनलाइन मैरिज में इसके बहुत ही कम चांसेस होते हैं। दरअसल, ऑनलाइन में हम अपने ड्रीम पार्टनर के बारे में भी बता सकते हैं और काफी हद तक वैसा ही पार्टनर ढूंढने में कामयाब भी हो जाते हैं। आपसी समझ बने रहने की सबसे खास वजह यही है।

लाइफ एन्जॉय करते हैं
बोरिंग लाइफ ऑनलाइन मैरिज में खत्म हो जाती है। एक जैसी चाहत रखने वाले महिला-पुरुष ज्यादातर खुश रहते हैं। कभी मूवी देख ली तो कभी कहीं घूमने चले गए। ऐसे कई सारे ऑप्शन्स उनके पास मौजूद होते हैं। खुलकर जिंदगी जीते हैं और ऐसी शादियां लंबे समय तक चलती भी हैं, क्योंकि इनमें लड़ाई करने के इश्यू लगभग न के ही बराबर होते हैं।
SOURCE - BHASKER

इन कारणों से नहीं मिल पाती है सफलता

अक्सर लोग अपनी ताकत को लेकर आशंकित रहते हैं। हम जब अपने आप पर, अपनी शक्ति पर शंका करने लगते हैं तो यहीं से हमारी असफलता की शुरुआत हो जाती है। 'विजय हमेशा आत्मविश्वास से हासिल होती है।' अगर हमें खुद पर विश्वास नहीं हो तो छोटी-छोटी समस्याओं से ही हम घबरा जाएंगे और कभी जीत हासिल नहीं कर पाएंगे। इस बात को श्रीरामचरित मानस के एक प्रसंग से समझ सकते हैं...
अपनी शक्ति पर भरोसा रखना बहुत जरूरी है
श्रीरामचरित मानस के एक प्रसंग में जब भगवान श्रीराम के साथ वानर सेना समुद्र के किनारे तक पहुंच गई, तब यह विचार किया जाने लगा कि समुद्र को कैसे पार किया जाए। उसी समय लंका में भी भावी युद्ध को लेकर चर्चा चल रही थी। रावण ने जब इस संबंध में अपने मंत्रियों से राय मांगी तो लगभग सभी मंत्रियों ने कहा कि जब देवताओं और दानवों को जीतने में कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ी तो मनुष्यों और वानरों से क्या डरना!
उस समय विभीषण ने रावण को बहुत समझाया कि श्रीराम से संधि कर लेनी चाहिए और सीता को आदर सहित श्रीराम को लौटा दिया जाना चाहिए। इससे युद्ध से बचा जा सकता है। विभीषण का मानना था कि श्रीराम से युद्ध करने पर राक्षस कुल का विनाश हो जाएगा। लेकिन विभीषण की बात सुनकर रावण को क्रोध आ गया और उसने विभीषण को लात मारकर लंका से निकाल दिया। इसके बाद विभीषण श्रीराम की शरण में पहुंचे। विभीषण को देखकर वानर सेना में खलबली मच गई। सुग्रीव ने श्रीराम को सुझाव दिया कि विभीषण रावण का छोटा भाई है, इसलिए इसे बंदी बना लेना चाहिए। सुग्रीव ने कहा कि हो सकता है, वह हमारी सेना का भेद लेने आया हो। इस पर श्रीराम ने सुग्रीव को जवाब दिया कि हमें अपनी ताकत और सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है। विभीषण शरण लेने आया है, इसलिए उसे बंदी बनाना उचित नहीं होगा। अगर वह भेद लेने आया है, तो भी हम पर कोई संकट नहीं है। हमारी सेना का भेद लेकर भी वह कुछ नहीं कर सकेगा। इससे हमारा बल कम नहीं होगा। दुनिया में जितने भी राक्षस हैं, उन्हें अकेले लक्ष्मण ही क्षण भर में खत्म कर सकते हैं। इसलिए हमें विभीषण से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उससे बात करनी चाहिए।
इस प्रसंग में यही बताया गया है कि व्यक्ति को अपनी शक्ति पर पूरा भरोसा होना चाहिए। इसी भरोसे के बल पर ही जीत हासिल की जा सकती है।
SOURCE - BHASKER

9/29/15

5 चीज़ें जो ज़िन्दगी में रोमान्स को बढ़ाएगी


क्या आपको भी लगता है कि आपके लाइफस्टाइल से रोमान्स नदारत हो गया है.

लाइफ बोरिंग हो गई या या अब पार्टनर को देखकर किसी तरह का रोमांच नहीं होता मन में ?

अपने रिश्ते को एक बार फिर भर दीजिए रोमांस से. अपनाइए ये टिप्स और रिश्ते को बनाइए स्पाइसी.

मॉर्निंग किस

आप भी सोच रहे होंगे कि मैं क्या बता रही हूँ. अब भला रिश्ते को फिर से स्पाइसी बनाने के लिए सिर्फ़ किस से कम चलेगा. हो सकता है कि आप ये भी सोच रहे हों कि किस तो किस मॉर्निंग हो या इवनिंग, लेकिन दोस्तों सच मानिए. बस एक दिन ऐसा कर के देखिए. सुबह उठते ही हमसफ़र के गालों पर या फिर उनके गुलाबी होंठों पर एक प्यारा सा किस करके देखिए. आप दोनों को अजीब सा महसूस होगा. ऐसा लगेगा जैसे आप अभी-अभी तो मिले हैं. फिर देखिए हर दिन ऐसा करते रहने से आपको कितना फायदा मिलेगा.

एक प्यारा से हग

आप चाहे मुझे ग़लत ही क्यूँ न कहें, लेकिन ज़रा सोचिए जब आप बहुत उदास होते हैं तो ऐसा लगता है कि नहीं कि कोई अपना, आपको एक टाईट हग करे. सोचते हैं न, क्योकि गले लगाने या लगने से बहुत सारी परेशानियां मिनटों में दूर हो जाती हैं. तो ज़रा सोचिए जब हमसफ़र को प्यारा सा हग करेंगे तो रिश्ते में कितनी ताज़गी भर जाएगी.

प्यार भरे मैसेज

आज की लाइफस्टाइल इतनी बिजी हो गई है कि एक दूसरे के लिए समय नहीं है. ऑफिस जाते ही आप दोनों काम में लग जाते हैं. ऐसे में शाम को सिर्फ़ घर में मिलते हैं वो भी खाना खाने के बाद सो जाते हैं, क्या ख़ाक आप दोनों के बीच रोमांस होगा. अरे बिजी होने के बाद भी दिन में एक-दो बार एक-दूसरे को प्यारभरा मेसेज भेजिए फिर देखिए कैसे रोमांस बढ़ता है.

शाम की कॉफ़ी

कॉलेज या ऑफिस से आने के बाद मोबाइल में बिजी होने की बजाय पार्टनर के साथ शाम की एक कप कॉफ़ी या चाय का मज़ा लीजिए. इससे आप दोनों को एक साथ समय बिताने का समय मिलेगा, जो आपके रिश्ते में खोए हुए रोमांस को फिर से लौटाएगा.

मॉर्निंग सेक्स

जी हाँ, वैसे आप पार्टनर के साथ नाम के लिए तो सेक्स कर लेते होंगे. इससे आप दोनों को इच्छा तो पूरी हो जाती है, लेकिन रोमांस नहीं बना रहता. ऐसे में एक बार मॉर्निंग सेक्स करके देखिए, ये आपको फ्रेश फीलिंग के साथ रोमांटिक एहसास भी देगा.

SOURCE - youngisthan .in

9/21/15

क्या आप जानते हैं रोमांस की ये यूनिक और इंटरेस्टिंग बातें ?


जानिए, रोमांस से जुड़ी यूनिक ��"र इंटरेस्टिंग बातें जिनसे आप हैं अनजान
रोमांस से जुड़ी ऎसी बहुत सी बाते हैं जिनसे आप अनजान हैं। समय-समय पर रोमांस और उससे जुड़ी बातों पर शोध होते रहते हैं। आज हम आपको ऎसी ही शोधों और अध्ययनों की दिलचस्प जानकारियां बताने जा रहे है। जिससे आपको रोमांस के बारे में कुछ दिलचस्प बातें जानने को मिलेगी। आइए जानते ऎसी ही कुछ बातें-
1. ऎसे पुरूष जिनके अनेक महिलाओं से रोमांटिक रिलेशन होते हैं, वे प्यार को बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं, लेकिन ऎसे पुरूष अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते।
2. एक सर्वे के मुताबिक कपल्स की रोमांस के लिए सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के बाद कार है। युवा बेडरूम के बाद कार में प्यार करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।
3. नए अध्ययन के अनुसार, महिलाओं में अपनी भावनाओं को समझने के साथ-साथ अपने आस-पास रहने वाले लोगों की भावनाओं व जरूरतों की समझ होती है, ऎसी महिलाएं रोमांस में अच्छी पार्टनर साबित होती है।
4. मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध में पता चला है कि पुरूष किसी भी दूसरे रंग के मुकाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज्यादा आकर्षित होते है।
5-एक शोध के अनुसार कॉलेज के समय जो लड़के रोमांस में लिप्त रहते हैं, वे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। जबकि कॉलेज टाइम में रोमांस न करने वाले विद्यार्थी नार्मल रहते हैं।
- SOURCE - patrika

शादी के दिन हर लड़की के दिल में उठते हैं ये 5 सवाल


शादी के दिन से पहले हर लड़की के दिमाग में ढ़ेर सारे सवाल उठते हैं। जानिए ऎसे सवाल जो लड़कियों के मन में उठते हैं....

हर लड़की शादी करके एक दिन अपने माता-पिता का घर छोड़कर अपने पति के घर जाती है। जहां वह अपने पति के साथ एक नई जिंदगी की शुरूआत करती है। हर लड़की का ख्वाब होता कि उसका अपना परिवार हो। पुरूषों के लिए भी विवाह का अर्थ उतना ही गंभीर होता है जितना एक महिला के लिए, दोनों का ही जीवन पहले से अलग होने वाला होता है। इस खास दिन से जुड़े लड़कियों के कई अरमान होते हैं। जैसे ही लड़की की शादी नजदीक आती उसका ध्यान शॉपिंग पर होता है और वह मन ही मन में हनीमून की प्लानिंग कर रही होती है लेकिन ऎसा नहीं हैं कि वह सिर्फ इस बारे में ही सोचती हैं। इसके अलावा भी उनके दिमाग में बहुत सारी बातें चल रही होती हैं, जिसके सामने आने पर रिश्ता टूट भी सकता है।


1. कहीं मैं शादी जल्दी तो नहीं कर रही!

हर लड़की शादी के समय यही सोचती है कि कहीं मेरी शादी जल्दबाजी में तो नहीं हो रही। इसका सीधा सा जवाब यही है कि अगर आपको लगता है कि आप आगे चलकर जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं तो शादी के लिए समय सही है।


2. क्या मेरे ससुराल वाले मुझे पसंद करेंगे!

शादी के दिन यह ख्याल आना तो तय है कि इस नए परिवार के लोग उसे अपनाएंगे या नहीं। खासतौर पर लड़केकी मां लेकिन यह बात पूरी तरह आपके ऊपर निर्भर करती है कि आप उन लोगों के साथ कैसे घुलती-मिलती हैं।


3. क्या मैं अगले घर आराम से रह पाऊंगी!

हर लड़की को यह डर बहुत सताता है कि वह अगले घर में आराम से रह पाएंगी या नहीं। वहां के लोग उन्हें अपना मानेंगे या नहीं लेकिन परिवर्तन स्वीकार करके आगे बढ़ें और मन में कोई नेगटिव भावना न लाएं। दरअसल, लडकियां रीति- रिवाजों को लेकर जिस तरह के बदलाव आते हैं, उसे लेकर वे दुविधा में आ सकती हैं लेकिन बीतते वक्त सब ठीक हो जाता है।


4. हमारा साथ जिंदगीभर का होगा!

इसका जवाब आपकी समझदारी में ही छिपा हुआ है। अगर आप अपने दांपत्य जीवन को ईमानदारी के साथ आगे बढाएंगी तो निश्चित तौर पर यह साथ जिन्दगी भर चलेगा लेकिन निजी मामलों को सुलझाने के लिए किसी तीसरे को अपने रिश्ते के बीच में न लाएं।

5. शादी में इतना खर्च करने की जरूरत थी!

शादी के दिन तक लडकियां सोचती हैं कि क्या उन्हें अपने कपड़ों, गहनों और मेकअप पर इतना खर्च करने की जरूरत थी हालांकि इसका जवाब भी वे खुद ही देती हैं कि शादी तो एक ही बार होती है, ऎसे में सबकुछ बेहतरीन होना चाहिए।

 SOURCE - patrika

काम करते समय ध्यान रखनी चाहिए ये बातें


ज्यादातर लोग एक वक्त पर कई काम करते हैं। इससे जिंदगी की गति तेज़ लगती है, लेकिन दिमाग इन चीज़ों को जल्दी प्रोसेस नहीं कर पाता है। कुछ लोग ऐसे हैं जो काम को निजी जीवन से अलग नहीं कर पाते हैं। इससे दिमाग हमेशा काम में ही उलझा रहता है। इसका एक ही हल है।
बिज़ी वर्क लाइफ के प्रेशर और डिमांड को मैनेज करने से सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। ऐसा करना आसान नहीं है, लेकिन इन टिप्स को फॉलो करने से फायदा होगा...

1. खेल खेलने से फायदा

हफ्ते में कम से कम 5 दिन कोई स्पोर्ट खेलिए या 30 मिनट एक्सरसाइज़ करिए। क्योंकि एक्सरसाइज़ से बेहतर कोई तरीका नहीं है स्ट्रैस कम करने के लिए। इसके अलावा अच्छा खाइए, ईर्ष्या की भावना न आने दीजिए।

2. रुटीन बनाना जरूरी

सुबह उठते ही स्मार्टफोन उठाकर ईमेल चैक करने की जरूरत नहीं है। घर और काम को अलग करने के लिए एक रुटीन बनाएं। घर पर हैं तो ऐसे काम करिए जो इंटरेस्ट के हैं। जैसे अखबार पढ़ना, गार्डनिंग करना या कोई स्पोर्ट खेलना आदि। ऑफिस में भी पूरा दिन ईमेल चैक करने की जरूरत नहीं है। एक वक्त निर्धारित करिए जब आप ईमेल्स चैक करेंगे।

3. दोस्त बनाएं

ऑफिस में कुछ दोस्त हैं तो अच्छा है। उनके साथ गॉसिप सेशन बनाएं। ऐसा काम के दौरान न करें, काम पूरा होने के बाद करें। सेशन में अपनी समस्याओं की चर्चा करिए। इसी तरह से ऑफिस के लोगों के साथ बाहर जाने से भी तनाव कम होगा।

4. मजबूत वर्किंग रिलेशन

बॉस के साथ अच्छा वर्किंग रिलेशन जरूरी है। कई बार बॉस के साथ कम्युनिकेशन गैप होने के कारण तनाव बढ़ने लगता है। कई बॉस अच्छे होते हैं, लेकिन एक बुरे बॉस के साथ काम करना गलत साबित होगा। जबकि अच्छे बॉस के साथ कोई बोरिंग जॉब भी इंटरेस्टिंग लगेगी।

5. इंस्पिरेशनल कोट से मदद

वर्क स्ट्रैस को कम करने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर या सामने कहीं भी कोई इंटरेस्टिंग-इंस्पिरेशनल कोट लगाएं, जिसे पढ़कर अच्छा महसूस हो और ताकत भी मिले।

SOURCE - BHASKER

शादी के बाद इन 7 बातों को कभी भी भूलना नहीं चाहिए

विवाह पति-पत्नी के बीच का एक ऐसा धर्म संबंध जो कर्तव्य और पवित्रता पर आधारित होता है। यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तरों पर स्त्री और पुरुष दोनों ही अधूरे होते हैं। स्त्री और पुरुष के मिलन से ही ये अधूरापन दूर होता है। विवाह जिन बातों पर हमेशा टिका रहता है, उनमें से सात मुख्य बातें यहां जानिए...

पहली बात है संयम

संयम यानी समय-यमय पर उठने वाली मानसिक उत्तेजनाओं जैसे- कामवासना, गुस्सा, लालच, अहंकार तथा मोह आदि पर नियंत्रण रखना। श्रीराम और सीता ने अपना पूरा वैवाहिक जीवन बहुत ही संयम और प्रेम के साथ व्यतीत किया था। वे कभी भी मानसिक या शारीरिक रूप से अनियंत्रित नहीं हुए।

दूसरी बात है संतुष्टि

संतुष्टि यानी एक-दूसरे के साथ रहते हुए समय और परिस्थिति के अनुसार जो भी सुख-सुविधा मिल जाए, उसी में संतोष करना। श्रीराम और सीता दोनों एक-दूसरे से पूरी तरह संतुष्ट थे। कभी भी श्रीराम ने सीता में या सीता ने श्रीराम में कोई कमी नहीं दे

तीसरी बात है संतान

शादी के बाद इन 7 बातों को कभी भी भूलना नहीं चाहिए
वैवाहिक जीवन में संतान का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है। पति-पत्नी के बीच के संबंधों को मधुर और मजबूत बनाने में बच्चों की भी भूमिका रहती है। श्रीराम और सीता के बीच वनवास को खत्म करने और सीता को पवित्र साबित करने में उनके बच्चों लव और कुश ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

चौथी बात है संवेदनशीलता

पति-पत्नी के रूप में एक-दूसरे की भावनाओं का समझना और उनकी कद्र करना चाहिए। श्रीराम और सीता के बीच संवेदनाओं का गहरा रिश्ता था। दोनों बिना कहे-सुने ही एक-दूसरे के मन की बात समझ जाते थे।

पांचवीं बात है संकल्प

पति-पत्नी के रूप में अपने धर्म संबंध को अच्छी तरह निभाने के लिए कर्तव्य को संकल्प लेकर पूरा करना चाहिए।

छठी बात है शारीरिक, आर्थिक और मानसिक मजबूती

वैवाहिक जीवन को सफलता और खुशहाली से भरा-पूरा बनाने के लिए पति-पत्नी दोनों का शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत ही आवश्यक है।

सातवीं बात है समर्पण

वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी का एक दूसरे के प्रति पूरा समर्पण और त्याग होना भी आवश्यक है। एक-दूसरे की खातिर अपनी कुछ इच्छाओं और आवश्यकताओं को त्याग देना या समझौता कर लेना रिश्तों को मधुर बनाए रखने के लिए जरूरी होता है।


SOURCE - BHASKER

5 essential skills today's employers want




Apart from relevant, organisations are now looking at hiring graduates with people skills and an aptitude for leadership
In a competitive job market, a degree that highlights your core competencies and skills is not enough to get you a job. Employers are now looking for candidates with not only the right attitude, but also the right aptitude while hiring. Here are some of the essential skills that fresh graduates will need to cultivate to secure a job:

Communication skills: 
The most significant step towards getting through the interview process is to polish your communication skills, both written and verbal. This is the best way to stand out in the crowded candidate market and it also aids in building a strong professional network.

Aptitude for leadership: 
It is not just the academic record and domain expertise that matter these days, but also your proficiency to be a leader that companies look out for. Not everyone can master this skill; however, one can work on building their inherent leadership qualities by taking initiatives and responsibility.

Being a people's person and a team player: 
Good interpersonal skills are a key to securing your dream job. Having this skill reflects that you are sociable and can work harmoniously with others. Interviewers will most likely test your ability of being a team player through questions relating to real-life scenarios . Some interviewers give a lot of importance to the extra-curricular abilities of the interviewee - excellence in sports, participation in student organization activities, community assistance roles with NGOs, etc - to judge the individual's ability to work in teams and inspire innovative ideas.

Problem solving and analytical skills:
Impromptu thinking and problem solving skills are the qualities that prospective employers look for in candidates. So it is essential to build on these capabilities and flaunt them when you present yourself in the job market as this will help you gain bonus points.

Open to learning and being proactive:
It is vital for a candidate to come across as independent and not someone who needs to be pushed for a task to be completed. In addition to this, out-of-the-box thinking and innovative ideas can get you the competitive corporate advantage. Interviewers will also try to gauge if a candidate is open to maintaining a continuous learning curve to re-skill themselves in a dynamic workplace and stay ahead.

Interviewers are impressed not with how much you know, but with how well you can convince the opposite person to think and accept your point of view. By demonstrating the right qualities and by marketing yourself efficiently, you can certainly land your first big career break!

By Moorthy K Uppaluri (The author is CEO, Randstad India) - As told to Ruchi Chopda

SOURCE - TOI

Are you falling for the wrong guy?


Are you falling for the wrong guy?
Whether it's Jane Austen's Elizabeth Bennett or Margaret Mitchell's Scarlett O'Hara, girls, at least in English literature, do have a thing for bad guys. 

In real life too, women feel that irresistible pull for bad guys — they are usually handsome without really trying too hard, they have that 'I don't give a damn' attitude and are hard-to-get.

Psychologists say that some women tend to confuse anger and tantrums for love. And it could be because of negative experiences they have had with men. Do you fall under that category? Take this quiz to find out...

When I meet a nice guy...
A. I think nice guys are boring.
B. I tend to think of him more as a friend than lover.
C. I start imagining that he is my Mr Right.

When I meet a so-called 'bad' guy...
A. I fall in love. Almost!
B. I become extra careful.
C. I try and avoid him and then run away ASAP!

I like bad boys...
A. They are sexually exciting.
B. Because good guys are rare.
C. Of course not!

My partner is sometimes abusive.
A. It does not bother me.
B. Very rarely.
C. Never. I'd leave him, otherwise.

My relationships with men...
A. Have been disappointing.
B. I have had a few affairs.
C. I am still waiting for my Mr Right.

If my man is lying to others...
A. So what? Don't we all lie sometimes?
B. As long as he is truthful to me, I don't care.
C. I will be wary — he could easily be lying to me, too.

ANSWERS

Mostly A
You are all for bad guys! You should not be allowed to look at guys without parental supervision or at least, without your closest friend being next to you. Even if a very nice guy is right in front of you, chances are, you will look right through him.

Mostly B
You are highly susceptible to the bad ones, if your answers have been truthful.

Mostly C
You are in no trouble. You do not seem to be that attracted or into bad guys at all.

Compiled by Debarati S Sen
SOURCE - TOI